
रेलवे में बड़े पैमाने पर घूसकांड का खुलासा होने के बाद रेलमंत्री पवन
कुमार बंसल अब बैकफुट पर नजर आ रहे हैं. पवन बंसल ने प्रधानमंत्री मनमोहन
सिंह से मुलाकात कर अपने इस्तीफे की पेशकश की है.लगातार मामला गरमाने
के बाद रेलमंत्री ने शनिवार दोपहर को प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उन्हें
ताजा स्थिति की जानकारी दी. दोनों नेताओं की मुलाकात करीब 1 घंटे तक चली.
बंसल के बचाव में आई कांग्रेस
पीएम
के साथ पवन बंसल की अहम बैठक के तुरंत बाद कांग्रेस प्रवक्ता जर्नादन
द्विवेदी ने कहा कि बंसल के इस्तीफे की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि
रेलमंत्री ने अपना पक्ष रख दिया है. कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए
कहा कि उसे तो इस्तीफा मांगने की बीमारी है.
'निष्पक्ष रूप से काम करेगी सीबीआई'
इससे पहले,
रेलमंत्री ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें घूसकांड की
कोई जानकारी नहीं है. पवन बंसल ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने हमेशा
ईमानदारी से काम किया है. उन्होंने कहा कि उनके कामकाज पर किसी का कोई
प्रभाव नहीं है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले में सीबीआई निष्पक्ष
रूप से काम करेगी. कांग्रेस ने रेलमंत्री से सफाई मांगी थी.
BJP ने कहा, घूसकांड पर राष्ट्रपति करें हस्तक्षेप
बीजेपी
ने मांग की है कि मामला उजागर होने के बाद अब पवन बंसल को रेलमंत्री पद से
हटाया जाना चाहिए. बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सीबीआई को पवन
बंसल से पूछताछ करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को इस मामले में
हस्तक्षेप करना चाहिए. बीजेपी ने कहा कि यूपीए सरकार से उसे नैतिकता की
कोई उम्मीद नहीं है.
गिरफ्तारियों का दौर जारी
इस बीच, सीबीआई ने रेलवे घूसकांड के
सिलसिले में चंडीगढ़ से 2 और लोगों को गिरफ्तार किया है. इस तरह मामले में
अब तक 5 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें रेलमंत्री का भांजा भी
शामिल है. दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में आरोपियों को पेश किया जाना
है.
सीबीआई की छापेमारी का असर
मुंबई में रेलवे बोर्ड के सदस्य
महेश कुमार के घर पर रात भर सीबीआई की छापेमारी चलती रही, जिसमें सीबीआई ने
ढेरों दस्तावेज जब्त किए. शनिवार सुबह सीबीआई महेश कुमार को अपने दफ्तर ले
गई, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके. 2 मई को ही महेश कुमार रेलवे बोर्ड
के सदस्य बनाए गए हैं. आरोप है कि महेश कुमार ने प्रमोशन के लिए 90 लाख
रुपये दिए.
रेलमंत्री के भांजे पर कसा शिकंजा
इस खेल में रेल मंत्री पवन
कुमार बंसल का भांजा वी सिंगला भी शामिल है, जिसे सीबीआई ने चंडीगढ़ से
दबोचा है. वी सिंगला को सीबीआई ने शुक्रवार को ही गिरफ्तार कर लिया था.
सिंगला पर रेलवे बोर्ड के एक सदस्य से 90 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप
लगाया गया है. सीबीआई ने रेलवे बोर्ड के सदस्य महेश कुमार और दो अन्य के
खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया गया है. सिंगला की गिरफ्तारी से केंद्र सरकार
की मुश्किलें बढ़ना तय है.
सीबीआई की गिरफ्त में आए आरोपी
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि
बंसल के भांजे वी सिंगला को चंडीगढ़ में महेश कुमार के वाहक मंजूनाथ से 90
लाख रुपये नकद स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया गया. कुमार को हाल में ही
सदस्य (स्टाफ) के तौर पर पदोन्नत किया गया था और वह सदस्य (इलेक्ट्रिकल) का
लुभावना पद पाने का प्रयास कर रहे थे. कुमार को सीबीआई के एक दल ने मुंबई
में दिल्ली से विमान से आने के तुरंत बाद गिरफ्तार किया.
सीबीआई ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और आईपीसी के तहत उनके खिलाफ मामला
दर्ज किया है. जिस अन्य व्यक्ति को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है उसका नाम
संदीप गोयल है. उसने कथित तौर पर सौदा कराने में सहायता की. राष्ट्रीय
राजधानी में मौजूद बंसल बार-बार संपर्क किए जाने का प्रयास करने के बावजूद
मीडिया से बचते रहे.
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य शहरों में
छापेमारी की. गुप्त अभियान के तहत सीबीआई ने कुमार की गतिविधियों और फोन
कॉल पर नजर रखी और रिश्वत के भुगतान के समय सिंगला को दबोच लिया. सिंगला और
मंजूनाथ को शहर में सीबीआई के कार्यालय में लाया गया जहां उन्हें हिरासत
में रखा गया है.
प्रमोशन में पैसे का बड़ा खेल
कुमार पश्चिम रेलवे में
महाप्रबंधक थे और उन्हें हाल में सदस्य रेलवे बोर्ड के तौर पर पदोन्नत किया
गया था. यह पद भारत सरकार के सचिव के समतुल्य है. अधिकारियों ने बताया कि
कुमार और सिंगला के अतिरिक्त सीबीआई ने गोयल और मंजूनाथ पर भी भ्रष्टाचार
निरोधक अधिनियम और आईपीसी के तहत विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं.
सीबीआई इस मामले में छापेमारी कर रही है. चंडीगढ़ में दो जगहों पर छापे
मारे गए हैं जिसमें से एक घर पवन बंसल के घर के पास है. चंडीगढ़ में हाउस
नंबर 105 पर छापा मारा गया है जबकि दूसरा छापा सेक्टर-16 में पड़ा है.
विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना
इस पूरे मामले पर विपक्ष ने
कड़ी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी ने कहा है कि रेल मंत्री की शह पर घूस
मांगी गई. बीजेपी के नेता अनुराग ठाकुर ने कहा, 'इस देश का दुर्भाग्य है कि
इस तरह की घटनाएं हो रही हैं. इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
सुरेश कलमाड़ी की तरह लोगों को लगने लगा है कि घोटाला करो कुछ समय जेल में
रहो और करोड़ों के मालिक बने रहो. लोग सोच ले रहे हैं कि घोटाले करो और सो
जाओ ना कोई सुनने वाला है ना कोई देखने वाला.'